यूवाओं का आरोप हाई कोर्ट ने परीक्षा के नाम पर फ़ीस लेकर लूट लिया और नंबर तक नहीं बताए
जोधपुर/राजस्थान।। राजस्थान हाई कोर्ट में RECRUITMENT - Recruitment JrJAs for RHC JAs for RSLSA and DLSAs and Clerks Grade II for RSJA and District Courts 2020 के तहत मांगे गए ऑनलाइन आवेदनों के बाद दिनांक 13 मार्च 2022 को राजस्थान में आयोजित लिखित परीक्षा की दिनांक 18.05.2022 को आनन् फानन में कट ऑफ के साथ सफल अभ्यर्थियों की एक लिस्ट हाई कोर्ट परीक्षा नियंत्रक द्वारा जारी कर दी गई। आपको बताते चले की हाई कोर्ट द्वारा जारी उक्त सफल अभ्यर्थियों की सूची में कही भी लिखित परीक्षा से सम्बन्धीत प्राप्तांकों का जिक्र नहीं करना परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों में उक्त परीक्षा के पारदर्शिता पूर्वक आयोजन को लेकर संदेह का भाव पैदा कर रहा है। वही राजस्थान हाई कोर्ट जैसी सम्मानजनक संस्था में हो रहे इस तरह के कार्य आम जनमानस में उक्त परीक्षा में भ्रष्टाचार होने का संदेह भी पैदा कर रहे है।
आपको बता दे कि हाई कोर्ट परीक्षा नियंत्रक द्वारा जारी की गई सफल अभ्यर्थियों की उक्त लिस्ट में उक्त परीक्षा में सम्मिलित हुए अभ्यर्थियों के परीक्षा में प्राप्त अंकों (Statement of Marks) का कही कोई विवरण नहीं दिया गया है। वही कई अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा में सम्मिलित हुए अभ्यर्थियों के परीक्षा में प्राप्त अंकों (Statement of Marks) के बिना ही सीधे ही टाइपिंग टेस्ट की परीक्षा आयोजित किया जाना एक बड़े परीक्षा घोटाले की और संकेत कर रहा है।
उधर उक्त परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे पूर्व के वर्षों में आयोजित सभी एलडीसी की परीक्षा में टाइपिंग टेस्ट से पूर्व ही उन परीक्षाओं में सम्मिलित अभ्यर्थियों के परीक्षा प्राप्तांको (Statement of Marks) जारी किये गए है, जिससे परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थियों को अपनी योग्यता एवं अहर्ता से सम्बन्धीत कोई शंका ना हो।
राजस्थान हाई कोर्ट की वेबसाइट से प्राप्त सूचना अनुसार वर्ष 2016 एवं वर्ष 2017 में आयोजित क्लर्क ग्रेड सेकेंड की परीक्षा में विधिवत तरीके से अभ्यर्थियों के परीक्षा में प्राप्त अंकों (Statement of Marks) को टाइपिंग टेस्ट से पूर्व जारी किया गया था। वही RECRUITMENT - Recruitment JrJAs for RHC JAs for RSLSA and DLSAs and Clerks Grade II for RSJA and District Courts 2020 के तहत निकाली गई भर्ती के अंतर्गत अभ्यर्थियों के परीक्षा में प्राप्त अंकों (Statement of Marks) को टाइपिंग टेस्ट से पूर्व जारी नहीं किया जाना एक बड़े भ्रष्टाचार होने की और संकेत कर रहा है। आपके देखेंगे तो पाएंगे की हमारे देश सरकारी नौकरीयों के लिए भर्ती का आयोजन करने वाली सभी एजेंसीया जैसे आरपीएससी, यूपीएससी, एसएससी एवं आरएसएमएसएसबी आदि सभी लिखित परीक्षा के बाद परीक्षा में सम्मिलित हुए सभी अभ्यर्थियों के प्राप्त अंकों (Statement of Marks) को ऑनलाइन जारी करती है, उसके बाद ही टाइपिंग टेस्ट और साक्षात्कार आदि का आयोजन किया जाता है। जबकि राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा बिना उक्त परीक्षा में सम्मिलित हुए अभ्यर्थियों के प्राप्तांको (Statement of Marks) को जारी किये बिना ही सीधे टाइपिंग टेस्ट का आयोजन करना उक्त परीक्षा आयोजन की प्रक्रिया और उसके नीति नियमों की सरेआम धज्जिया उड़ा रहा है।

उक्त परीक्षा में सम्मिलित हुए कुछ अभ्यर्थियों का कहना है की उक्त परीक्षा के आयोजन से पूर्व ही परीक्षा के पेपर भी ऑउट हो गए थे, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता की बात करना बेमानी होगी। वही कुछ लोगो का कहना है कि राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा यूवाओं से परीक्षा आयोजन के नाम से फ़ीस वसूलना और उसके बाद मनमर्जी से परीक्षा में प्राप्त अंकों (Statement of Marks) को टाइपिंग टेस्ट से पूर्व जारी नहीं करना उनके सवैंधानिक अधिकारों का सरेआम उल्लंघन है। यह की इस सम्बन्ध में मीडिया द्वारा हाई कोर्ट के परीक्षा नियंत्रक और प्रशासन से संपर्क करने पर वह इन प्रश्नों से बचते दिखाई दिए।


